Shraddha & Pitru Paksha : remembrance, messages and ritual guides
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51 messages · Haryanvi

सराध अर कनागत के संदेस: हरियाणवी (Haryanvi)

51 messages for Shraddha, Pitru Paksha, ancestor remembrance and family tributes in Haryanvi.
कनागत शुरू होगे सैं। सारे पितरां नै म्हारी धोक अर राम राम। उनका आसीरवाद पूरे कुणबे पै बण्या रहै। 🙏

Haryanvi message collection

51 Shraddha & Pitru Paksha messages

Use these messages for personal remembrance, family sharing or a respectful note to relatives. Keep the wording as written or personalize names and relationships where appropriate.

  1. कनागत शुरू होगे सैं। सारे पितरां नै म्हारी धोक अर राम राम। उनका आसीरवाद पूरे कुणबे पै बण्या रहै। 🙏

  2. पितरां का आसीरवाद ए म्हारी सबतै बड्डी पूंजी सै। कनागतां म्हं सारे बडेरयां नै धोक। 🙏

  3. जिन्नै म्हानै जिंदगी दी, उन नै आज सरधा तै याद करां सां। सारे पितरां नै परनाम। 🙏

  4. कनागत के ये दिन बडेरयां नै याद करण के सैं। भगवान सारे पितरां की आत्मा नै सांति देवै। 🙏

  5. आज दादा जी का सराध सै। उनकी घणी याद आवै सै। उनका आसीरवाद सदा म्हारे सिर पै रहै। 🙏

  6. आज दादी का सराध सै। उनका लाड अर उनकी सीख कदे ना भूल सकदे। धोक। 🙏

  7. बाबू जी, थम आज भी म्हारे मन म्हं बसे हो। सराध के दिन थारे चरणां म्हं धोक। 🙏

  8. माँ का लाड अर आसीरवाद आज भी म्हारे गेल्यां सै। सराध पै उन नै सरधा तै परनाम। 🙏

  9. पाणी, तिल अर कुशा तै तर्पण करां सां, पर सबतै बड्डा तर्पण तो सरधा का सै। सारे पितरां नै धोक। 🙏

  10. जड़ मजबूत हो तो ए रूख हरया-भरया रहै। कनागतां म्हं सारे बडेरयां नै परनाम। 🙏

  11. कागलां नै रोटी, गऊ नै ग्रास अर भूखे नै भोजन, योए साच्चा सराध सै। 🙏

  12. पितर राज्जी तो घर राज्जी। कनागतां म्हं सारे बडेरयां नै हाथ जोड़ कै धोक। 🙏

  13. म्हारा नाम, म्हारे संस्कार, सब बडेरयां की देन सै। आज उन नै सरधा तै याद करां। 🙏

  14. चाच्चा जी के सराध पै उन नै घणा याद कर रे सां। भगवान उनकी आत्मा नै सांति देवै। 🙏

  15. ताऊ जी की हांसी अर उनका प्यार आज भी याद आवै सै। सराध पै उन नै धोक। 🙏

  16. नानी की कहाणी अर उनका लाड आज भी मन म्हं सै। सराध के दिन उन नै परनाम। 🙏

  17. नाना जी की सीख आज भी म्हानै राह दिखावै सै। सराध पै उन नै सरधा तै धोक। 🙏

  18. बुआ जी का लाड अर आसीरवाद कदे ना भूलां। सराध पै उन नै धोक। 🙏

  19. मामा जी की बात्तां आज भी याद आवैं सैं। सराध पै उन नै सरधा तै परनाम। 🙏

  20. साल बीत ग्या, पर थारी याद एक दिन भी कम ना होई। पहले सराध पै घणी सरधा तै याद कर रे सां। 🙏

  21. आज थारा पहला सराध सै। थम सदा म्हारी यादां म्हं जिंदा रहोगे। भगवान थमनै मोक्ष देवै। 🙏

  22. आज थारे सारे कुणबे गेल्यां म्हारी प्रार्थना सै। भगवान बडेरयां की आत्मा नै सांति देवै। 🙏

  23. आ कोनी सके, पर मन तै थारे गेल्यां सां। सराध पै बडेरयां नै घणी धोक। 🙏

  24. भाई, आज चाच्चा जी का सराध सै। घणी याद आवै सै, म्हारी प्रार्थना थम सबकै गेल्यां सै। 🙏

  25. पितर अमावस पै सारे जाणे-अणजाणे पितरां नै धोक। सबकी आत्मा नै सांति मिलै। 🙏

  26. कनागतां म्हं एक दीवा उन बडेरयां खात्तर, जिन्नै म्हारी राह रोसन करी। 🪔🙏

  27. पितरां का करजा कदे ना चुका सकदे, बस सरधा तै याद कर सकां सां। सारे पितरां नै धोक। 🙏

  28. जिस धरती पै म्हं खड़े सां, वा बडेरयां की मेहनत तै बणी सै। कनागतां म्हं उन नै परनाम। 🙏

  29. सरधा तै करया सराध ए पितरां तक पहोंचै सै। सारे बडेरयां नै धोक। 🙏

  30. पितरां की किरपा तै ए घर म्हं सुख-सांति सै। कनागतां म्हं उन नै हाथ जोड़ कै परनाम। 🙏

  31. आज खीर-पूड़े, कागलां का ग्रास अर बाम्हण जिमाणा बडेरयां के नाम। उनका आसीरवाद बण्या रहै। 🙏

  32. बडेरयां की बात्तां अर उनके संस्कार ए म्हारी असली विरासत सैं। कनागतां म्हं धोक। 🙏

  33. भूखे नै रोटी अर तिसाए नै पाणी, पितरां के नाम योए साच्चा दान सै। 🙏

  34. कनागत आए, बडेरयां की याद ल्याए। सारे पितरां नै घणी सरधा तै धोक। 🙏

  35. जिन्नै आंगली पकड़ कै चालणा सिखाया, उन नै आज सिर झुका कै परनाम। 🙏

  36. पितर देव राज्जी रहो, कुणबे पै आसीरवाद बरसाते रहो। कनागतां की धोक। 🙏

  37. बडेरयां की याद म्हं आंख भर आवैं, पर उनका आसीरवाद कालजे नै ठंडक देवै। 🙏

  38. बडेरयां की याद ए कुणबे नै एक धागे म्हं बांधै सै। कनागतां म्हं सारे पितरां नै धोक। 🙏

  39. आज बडेरयां खात्तर प्रार्थना करां, उन नै मोक्ष मिलै अर म्हानै उनकी सीख। 🙏

  40. म्हं जो किमे भी सां, बडेरयां की किरपा तै सां। कनागतां म्हं उन नै परनाम। 🙏

  41. पितरां के नाम एक दीवा, एक ग्रास अर घणी सरधा। कनागतां की धोक। 🪔🙏

  42. बडेरयां का मान, कुणबे की सान। कनागतां म्हं सारे पितरां नै धोक। 🙏

  43. जो चले गे, वे आज भी म्हारे संस्कारां म्हं जिंदा सैं। सरधांजलि। 🙏

  44. तर्पण का पाणी बहै, सरधा का भाव रहै। सारे पितरां नै घणी धोक। 🙏

  45. कनागत सिखावैं सैं अक अपणी जड़ां नै कदे ना भूलो। सारे बडेरयां नै परनाम। 🙏

  46. आज कुणबे गेल्यां बैठ कै बडेरयां नै याद करां, योए सराध का साच्चा मतलब सै। 🙏

  47. भगवान सारे पितरां नै बैकुंठ म्हं जगहां देवै अर कुणबे पै किरपा राक्खै। 🙏

  48. बडेरयां की दुआ तै ए घर-आंगण हरया-भरया सै। कनागतां म्हं उन नै धोक। 🙏

  49. उनके अधूरे सपने पूरे करां, योए उनका सबतै बड्डा सराध सै। 🙏

  50. पितर अमावस पै पितरां नै बिदाई। उनका आसीरवाद सदा म्हारे गेल्यां रहै। 🙏

  51. याद करां, दान करां, प्रार्थना करां। कनागतां म्हं सारे पितरां नै सरधा तै धोक। 🙏