Shraddha & Pitru Paksha : remembrance, messages and ritual guides
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51 messages · Rajasthani

श्राद्ध अर पितृ पक्ष रा संदेस: राजस्थानी (Rajasthani)

51 messages for Shraddha, Pitru Paksha, ancestor remembrance and family tributes in Rajasthani.
पितरां रो आसीस ही म्हांकी सबसूं बड़ी पूंजी है। पितृ पक्ष मं सगळा पुरखां नै सादर धोक। 🙏

Rajasthani message collection

51 Shraddha & Pitru Paksha messages

Use these messages for personal remembrance, family sharing or a respectful note to relatives. Keep the wording as written or personalize names and relationships where appropriate.

  1. पितरां रो आसीस ही म्हांकी सबसूं बड़ी पूंजी है। पितृ पक्ष मं सगळा पुरखां नै सादर धोक। 🙏

  2. जका पुरखां म्हांनै जीवण दियो, बांनै आज सरधा सूं याद करां। सगळा पितरां नै प्रणाम। 🙏

  3. पितृ पक्ष रा ऐ दिन पुरखां नै याद करबा रा है। भगवान सगळा पितरां री आतमा नै सांति देवै। 🙏

  4. दादाजी रा श्राद्ध पर बांनै घणो याद कर रिया हां। बांको आसीस सदा म्हां पर बण्यो रैवे। 🙏

  5. आज दादीसा रो श्राद्ध है। बांकी ममता अर सीख कदै भी नीं भूल सकां। सादर धोक। 🙏

  6. बापूजी, थे आज भी म्हांका मन मं बस्या हो। श्राद्ध रा दिन थांनै सरधा सूं प्रणाम। 🙏

  7. माँसा रो लाड अर आसीस आज भी म्हांकै साथै है। श्राद्ध पर बांनै घणी धोक। 🙏

  8. पाणी, तिल अर कुसा सूं तर्पण करां, पण सबसूं बड़ो तर्पण सरधा रो है। सगळा पितरां नै प्रणाम। 🙏

  9. पुरखां री जड़ां मजबूत है, जणां ही परिवार रो रूंख हर्यो-भर्यो है। पितृ पक्ष मं सगळा पितरां नै धोक। 🙏

  10. कागलां नै रोटी, गाय नै ग्रास अर भूखा नै भोजन, ओ ही सांचो श्राद्ध है। 🙏

  11. पितर राजी तो घर राजी। पितृ पक्ष मं सगळा पुरखां नै हाथ जोड़ प्रणाम। 🙏

  12. म्हांको नांव, म्हांका संस्कार, सब पुरखां री देण है। आज बांनै सरधा सूं याद करां। 🙏

  13. चाचाजी रा श्राद्ध पर बांनै घणो याद कर रिया हां। भगवान बांकी आतमा नै सांति देवै। 🙏

  14. ताऊजी री हंसी अर बांको प्यार आज भी याद आवै। श्राद्ध पर बांनै सादर नमन। 🙏

  15. नानीसा री कहाणियां अर बांको लाड आज भी मन मं है। श्राद्ध रा दिन बांनै धोक। 🙏

  16. नानाजी री सीख आज भी म्हांनै राह दिखावै। श्राद्ध पर बांनै सरधा सूं प्रणाम। 🙏

  17. बरस बीतग्यो, पण थांकी याद एक दिन भी कम नीं हुई। पहलै श्राद्ध पर घणी सरधा सूं याद कर रिया हां। 🙏

  18. आज थांको पहलो श्राद्ध है। थे म्हांकी यादां मं सदा जीवता रैस्यो। भगवान थांनै मोक्स देवै। 🙏

  19. आज आप सगळा परिवार साथै म्हांकी प्रार्थना है। ईस्वर बडेरां री आतमा नै सांति देवै। 🙏

  20. आ नीं सक्या, पण मन सूं थांकै साथै हां। श्राद्ध पर बडेरां नै घणी सरधा सूं धोक। 🙏

  21. सर्वपितृ अमावस पर सगळा जाणा-अणजाणा पितरां नै सादर प्रणाम। सबकी आतमा नै सांति मिलै। 🙏

  22. पितृ पक्ष मं दीयो जगावां, बां पुरखां सारू जकां म्हांको मारग उजाळ्यो। 🪔🙏

  23. पुरखां रो करज कदै चुका नीं सकां, बस सरधा सूं याद कर सकां। सगळा पितरां नै धोक। 🙏

  24. जकी धरती पर म्हे ऊभा हां, वा पुरखां री मैनत सूं बणी है। पितृ पक्ष मं बांनै नमन। 🙏

  25. सरधा सूं करियो श्राद्ध ही पितरां तांई पूगै। सगळा पुरखां नै सादर प्रणाम। 🙏

  26. पितरां री मेहर सूं ही घर मं सुख-सांति है। पितृ पक्ष मं बांनै हाथ जोड़ धोक। 🙏

  27. आज गऊ ग्रास, कागवास अर ब्राह्मण भोज पुरखां रै नांव। बांको आसीस सदा बण्यो रैवे। 🙏

  28. पुरखां री बातां अर बांका संस्कार ही म्हांकी असली विरासत है। पितृ पक्ष मं सादर नमन। 🙏

  29. भूखा नै भोजन अर तिसाया नै पाणी, पितरां रै नांव ओ ही सांचो दान है। 🙏

  30. पितृ पक्ष आयो, पुरखां री याद ल्यायो। सगळा पितरां नै घणी सरधा सूं प्रणाम। 🙏

  31. जकां म्हांनै आंगळी पकड़ चालणो सिखायो, बांनै आज सिर झुकाय प्रणाम। 🙏

  32. पितर देव प्रसन्न रैवो, परिवार पर आसीस बरसावता रैवो। पितृ पक्ष री सादर धोक। 🙏

  33. बडेरां री याद मं आंख्यां भर आवै, पण बांको आसीस हिवड़ो ठंडो राखै। सगळा पितरां नै प्रणाम। 🙏

  34. पुरखां री याद ही परिवार नै एक धागै मं बांधै। पितृ पक्ष मं सगळा पितरां नै धोक। 🙏

  35. आज पुरखां सारू प्रार्थना करां, बांनै मोक्स मिलै अर म्हांनै बांकी सीख। 🙏

  36. म्हे जो कीं हां, पुरखां री किरपा सूं हां। पितृ पक्ष मं बांनै सरधा सूं नमन। 🙏

  37. भाई, आज काकोसा रो श्राद्ध है। बांनै घणो याद कर रिया हां, म्हांकी प्रार्थना थां सगळां साथै है। 🙏

  38. भुआसा रो लाड अर आसीस कदै नीं भूलां। श्राद्ध पर बांनै सादर धोक। 🙏

  39. पितरां रै नांव एक दीयो, एक ग्रास अर घणी सरधा। पितृ पक्ष री सादर धोक। 🪔🙏

  40. बडेरां रो मान, परिवार री सान। पितृ पक्ष मं सगळा पितरां नै प्रणाम। 🙏

  41. जका चल्या गया, वे म्हांका संस्कारां मं आज भी जीवै। सादर श्रद्धांजलि। 🙏

  42. तर्पण रो पाणी बहै, सरधा रो भाव रैवे। सगळा पितरां नै घणी धोक। 🙏

  43. पितृ पक्ष आपां नै सिखावै कै जड़ां नै कदै नीं भूलणो। सगळा पुरखां नै प्रणाम। 🙏

  44. आज परिवार साथै बैठ पुरखां नै याद करां, ओ ही श्राद्ध रो सांचो अरथ है। 🙏

  45. भगवान सगळा पितरां नै बैकुंठ मं ठौड़ देवै अर परिवार पर मेहर राखै। 🙏

  46. पुरखां री दुआ सूं ही घर-आंगण हर्यो-भर्यो है। पितृ पक्ष मं बांनै धोक। 🙏

  47. पितृ पक्ष रा पावन दिनां मं सगळा पितरां रै चरणां मं म्हांको माथो झुकै। 🙏

  48. बांकी आंख्यां रा सपना पूरा करां, ओ ही बांनै सबसूं बड़ो श्राद्ध है। 🙏

  49. पुरखां नै याद करणो अर बांनै मान देणो, आ ही आपणी रीत है। पितृ पक्ष री सादर धोक। 🙏

  50. सर्वपितृ अमावस पर पितरां नै विदाई। बांको आसीस सदा म्हांकै साथै रैवे। 🙏

  51. याद करां, दान करां, प्रार्थना करां। पितृ पक्ष मं सगळा पितरां नै सरधा सूं नमन। 🙏